धमतरी में अर्नब चक्रवात तूफान से किसानों की फसल हुई तबाह...
प्रशासन ने फसल नुकसान पर किसानों को 72 घंटे में सूचना देने की टोल फ्री नंबर जारी की.....
पूरे प्रदेश पर के साथ ही धमतरी जिले में भी बंगाल की खाड़ी में आए चक्रवात तूफान अर्नब के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिला था और धमतरी जिले में भी बारिश लगातार हुई थी ऐसे में धमतरी में किसानों की चिंता काफी ज्यादा बढ़ गई थी क्योंकि 15 नवंबर से धान की खरीदी होनी है और ऐसे में अचानक से बारिश होने की वजह से उनकी कई एकड़ खेत में बोई हुई फसल पानी में डूब गई और कई फसल पानी में सो गई ऐसे में कई किसान जो धान की कटाई भी कर रहे थे उनकी भी फसल नुकसान हो गई ऐसे में किसान काफी ज्यादा चिंतित नजर आ रहा है और शासन प्रशासन से मुआवजा की मांग कर रहा है कई किसान सर में हाथ धरे अपने खेत के पास बैठे नजर आए वहीं किसानों का कहना है कि 72 घंटे का जो समय दिया गया है वह किसानों के लिए पर्याप्त नहीं है प्रशासन की टीम को मौके में आकर किसानों के नुकसान को देखकर उन्हें मुआवजा देना चाहिए क्योंकि वह कर्ज लेकर धान की बुवाई करता है और फसल पकने तक काफी दिन इंतजार करता है और ऐसे में अचानक से मौसम में बदलाव हुआ और उनकी फसल नुकसान हो गई ऐसे में किसान काफी ज्यादा चिंतित नजर आ रहा है फिलहाल जिला प्रशासन के द्वारा किसानों की फसल नुकसान को लेकर एक टोल फ्री नंबर 14447 कृषि रक्षक पोर्टल पर 72 घंटे के भीतर प्राकृतिक आपदा से फसल क्षति के संबंध में सूचना देने की बात कही गई है... इसके बाद सूचना दर्ज करने के बाद बीमा कंपनी द्वारा 10 दिनों के भीतर सर्वे कर नुकसान का आकलन किया जाएगा... और आवश्यक जानकारी प्रस्तुत की जाएगी... विभाग में स्पष्ट किया है कि खेत में खड़ी फसल में जल भराव और अन्य प्राकृतिक आपदा से नुकसान होने की स्थिति में बीमा दावा भुगतान की गणना योजना के प्रावधानों के अनुसार फसल कटाई प्रयोग से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर की जाएगी..... वही कटाई के बाद खेत खलिहान में रखी धान की कटी हुई फसल को नुकसान होने पर सुरक्षा अधिकतम 14 दिनों तक लागू रहेगी.... शिकायत दर्ज करने से पहले महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने पासरखें... वही 72 घंटे के भीतर फसल नुकसान की सूचना देना बेहद ही अनिवार्य है ताकि किसान योजना के तहत मिलने वाली सहायता से वंचित न हो... फिलहाल धमतरी जिले के साथ ही सिहावा नगरी कुरूद क्षेत्र के कई ऐसे हजारों किसान है जिनके फसल में काफी नुकसान हुआ है फिलहाल प्रशासनिक तौर पर किसानों का आंकड़ा सामने आना बाकी है और प्रशासन द्वारा इस पर किसानों को कितनी राशि मुआवजा पर दी जाती है यह अभी स्पष्ट नहीं है.....
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