स्वर्ग धाम सेवा समिति ने मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश कर 44 लावारिस अस्थियों समेत 715 शव का किया सामूहिक पिंडदान तर्पण....2004 से अब तक लगातार पितृपक्ष के अंतिम दिन लगातार कई वर्षों से किया जा रहा पिंडदान सामूहिक तर्पण का कार्य...


स्वर्ग धाम सेवा समिति ने मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश कर 44 लावारिस अस्थियों समेत 715 शव का किया सामूहिक पिंडदान तर्पण....


2004 से अब तक लगातार पितृपक्ष के अंतिम दिन लगातार कई वर्षों से किया जा रहा पिंडदान सामूहिक तर्पण का कार्य...


छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्वर्ग धाम सेवा समिति के द्वारा मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की है... जहां लगातार 2004 से अब तक लावारिस और अज्ञात शवों को विधि विधान से पूजा पाठ कर उन्हें पितृपक्ष के अंतिम दिन का सम्मान विदाई दी जाती है.. जहां पर पितृ मोक्ष अमावस्या पर 715 अनजान मृतकों के साथ 44 लावारिस अस्थियों का सामूहिक पिंडदान तर्पण किया गया.. वही यह कार्यक्रम धमतरी के रुद्री स्थित रुद्रेश्वर महाघाट के महानदी किनारे पूरे विधि विधान के साथ किया गया... जिसमें काफी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे... वही स्वर्ग धाम सेवा समिति के महासचिव अशोक पवार ने कहा कि उन्हें करीब 25 साल पहले धमतरी के जिला अस्पताल में एक लावारिस लाश देखकर उनके मन में काफी पीड़ा हुई थी.. और वह परेशान हुए थे.. उसी दिन से उन्होंने तय किया कि कोई भी शव इसका कोई वारिश नहीं है... उसे मोक्ष दिलाने के लिए सबसे पहले वही आगे आएंगे... वही अशोक पवार और उनके मित्र एवंत गोलछा ने भी इस कार्य के लिए सहमति जताई.. तब से 2004 में एक संस्था की शुरुआत की गई.. जिसका नाम स्वर्ग धाम सेवा समिति रखा गया और तब से लेकर अब तक जैसे-जैसे समय बिता लोग उनके साथ जुड़ते गए और इस कार्य में लगातार अब तक सहयोग करते आ रहे हैं.... वही कार्यक्रम स्थल पर भजन कीर्तन का भी आयोजन हुआ... साथ ही शहर के गणमान्य लोग और आम नागरिक इस पुण्य कार्य के साक्षी बने और इस मानवता और धर्म की मिसाल की सरहाना की गई......



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