धमतरी जिले में एक तरफ ईंधन बचाने और सरकारी संसाधनों के बेहतर उपयोग की बात हो रही है... दूसरी ओर धमतरी नगर निगम में सरकारी मशीनों के कथित दुरुपयोग को लेकर सियासत गरमा गई है.... आरोप है कि वार्डों के विकास कार्यों के लिए डीजल संकट का हवाला देकर जेसीबी उपलब्ध नहीं कराई जाती.... लेकिन उसी जेसीबी का इस्तेमाल निजी काम के लिए किया जा रहा था... कांग्रेस पार्षदों ने निगम की जेसीबी को कथित तौर पर निजी कार्य करते हुए पकड़ने का दावा किया है.....
धमतरी नगर निगम में जेसीबी के इस्तेमाल को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है....कांग्रेस पार्षदों का आरोप है कि वार्डों में नाली, सड़क और अन्य जरूरी कार्यों के लिए मशीन मांगने पर डीजल की कमी बताकर मांग टाल दी जाती है...जबकि सरकारी संसाधनों का उपयोग निजी हितों के लिए किया जा रहा है... पार्षदों के मुताबिक मंगलवार देर शाम उन्हें सूचना मिली कि निगम की जेसीबी एक निजी स्थल पर काम कर रही है...सूचना के बाद मौके पर पहुंचे पार्षदों ने जेसीबी को कथित रूप से निजी कार्य में लगा पाया और इसका विरोध किया...मामला बढ़ने पर निगम के वाहन प्रभारी और संबंधित अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया... पार्षदों ने पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताते हुए इसे सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का मामला बताया...बुधवार को कांग्रेस पार्षदों ने महापौर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की... वहीं महापौर ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच कराने और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है....
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