चारो कोने में आग के बीच तपती दोपहर में 28 वर्ष की त्रिवेणी की साधना देख कर दंग रहे गए श्रदालु.....
छत्तीसगढ़ के धमतरी से एक ऐसी खबर आने आई है... जिसे देखकर आपकी आंखें दंग रहे जाएंगी... आधुनिक युग में जहां लोग भागदौड़ भरी जिंदगी जी रहे हैं... वहीं धमतरी की एक 28 वर्षीय बेटी समाज के कल्याण के लिए तपस्या की राह पर चल पड़ी है.. दरअसल धमतरी की गोकुल वाटिका में इन दिनों आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है.. कारण है 28 वर्षीय त्रिवेणी नंदगिरि की कठोर तपस्या भीषण गर्मी के बीच त्रिवेणी ने पांच दिनों के लिए धूनी तपस्या करने का संकल्प लिया है... तपती दोपहर में जब सूरज आग उगल रहा होता है... ठीक उसी समय दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक त्रिवेणी आग की धूनी के बीच बैठकर साधना में लीन हो जाती हैं.. उनकी इस कठोर साधना को देखने के लिए न केवल धमतरी,
बल्कि दूर दराज के क्षेत्रों और पड़ोसी राज्य सहित महाराष्ट्र से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में इस स्थान में पहुंच रहे हैं..परिजनों और श्रद्धालुओं की मानें तो त्रिवेणी को देवी मां का आशीर्वाद प्राप्त है...इसी शक्ति के कारण वे भीषण गर्मी और आग की तपिश को सहकर भी अडिग एक जगह पर स्थिर बैठी हुई हैं.... त्रिवेणी का मानना है कि आज का संसार दुखों और तकलीफों से घिरा हुआ है... और उन्हीं दुखों को दूर करने व समाज के कल्याण के लिए उन्होंने यह मार्ग चुना है..बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब त्रिवेणी ने ऐसी साधना की है पिछले वर्ष भी उन्होंने जल समाधि लेकर अपनी तपस्या की थी..आज के आधुनिक दौर में अध्यात्म का यह स्वरूप लोगों के लिए कौतूहल और श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है.. अब देखना यह है कि उनकी यह साधना समाज के लिए किस प्रकार का संदेश लेकर आती है...
0 Comments